फिल्म मेकर्स के लिए सीबीएफसी यानी केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने एक खुशखबरी दी है। अब फिल्मों को सर्टिफिकेट मिलने में कम दिनों का समय लगेगा। फिल्म के लिए सर्टिफिकेट के लिए मशक्कत कम की जाएगी और इसकी प्रक्रिया आसान कर दी गई है। अब महज 18 दिनों में फीचर फिल्म को सर्टिफिकेट मिल सकता है और शॉर्ट फिल्म को महज 3 वर्किंग डे में सर्टिफिकेट देने का प्रावधान बनाया जा रहा है। सीबीएफसी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी है।
सीबीएफसी ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 और सिनेमैटोग्राफ नियम, 2024 के अनुसार कार्य करता है। सिनेमैटोग्राफ नियम, 2024 के सबसेक्शन 37 के तहत फिल्मों के प्रमाणन की निर्धारित समय सीमा 48 कार्य दिवस है। इसके अलावा, प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और दक्षता संबंधी उद्योग की चिंताओं को दूर करने के लिए, सरकार ने ई-सिनेप्रमाण पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह से डिजिटल ऑनलाइन प्रमाणन प्रणाली लागू की है। इस प्रणाली ने पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार किया है और समय सीमा को कम किया है। परिणामस्वरूप, प्रमाणन में लगने वाला वर्तमान औसत समय निर्धारित सीमा के भीतर है, जो फीचर फिल्मों के लिए 18 कार्य दिवस और लघु फिल्मों के लिए 3 कार्य दिवस है। यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज राज्यसभा में श्री एस. निरंजन रेड्डी द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में दी।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड एक ऐसी गर्वमेंट बॉडी है जो मिनिस्ट्री ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के अंडर काम करती है। इस संस्था का मुख्य काम फिल्मों को देख उनके रिलीज से पहले सर्टिफिकेट जारी करना होता है। ये बॉडी फिल्मों को देखती है और उनके कंटेंट के मिजाज के तहत उसे रेटिंग देती है, जैसे कुछ फिल्में 14 साल के ऊपर के लिए होती हैं या फिर कुछ 18 साल के भी ऊपर ही देख सकते हैं। हर फिल्म को अपनी रिलीज से पहले इस सर्टिफिकेट को हासिल करना पड़ता है। अब फिल्म मेकर्स ने लिए नए नियमों के हिसाब से खुशखबरी मिली है और प्रक्रिया भी आसान हुई है।
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